
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों और दूतावास कर्मचारियों के परिवारों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। संभावित सैन्य टकराव के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
अमेरिका और ओमान की भूमिका
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। वहीं, ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन कोई ठोस समझौता अभी नहीं हुआ है। ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी शुक्रवार को वॉशिंगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति और अन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच अगले हफ्ते वियना में फिर से बातचीत होनी है।
ब्रिटेन और अमेरिका की एडवाइजरी
- ब्रिटेन: सुरक्षा कारणों से तेहरान से अपने दूतावास कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया है। ब्रिटेन का कहना है कि दूतावास सीमित तरीके से काम कर रहा है और आम नागरिकों को सीधे मदद देना फिलहाल संभव नहीं है।
- अमेरिका: यरुशलम स्थित दूतावास ने गैर-जरूरी अधिकारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने की अनुमति दी है।
चीन और जर्मनी की चेतावनी
- चीन: नागरिकों से सुरक्षा इंतजाम कड़े करने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया। ईरान की यात्रा टालने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई।
- जर्मनी: ईरान में सुरक्षा स्थिति बेहद अस्थिर है। संभावित सैन्य झड़प और हवाई क्षेत्र बंद होने या उड़ानों पर रोक की चेतावनी दी गई।
भारत और अन्य देशों की सलाह
- भारत: तेहरान स्थित दूतावास ने नागरिकों को उपलब्ध किसी भी साधन से ईरान छोड़ने की सलाह दी।
- पोलैंड: प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने और वहां की यात्रा से बचने को कहा।
- स्वीडन: विदेश मंत्री मारिया माल्मर स्टेनरगार्ड ने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की।
- सर्बिया: नागरिकों से यात्रा न करने और वहां मौजूद लोगों को लौटने की सलाह दी।
- दक्षिण कोरिया: नागरिकों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ने और यात्रा योजनाएं रद्द या स्थगित करने की चेतावनी दी।




